
Paryayvachi Shabd पर्यायवाची शब्द: इस पोस्ट में आज हम जानेंगे की पर्यायवाची शब्द क्या होता है ? पर्यायवाची शब्दों का विविन्न प्रयोग क्या-क्या हैं और उनको हिंदी भाषा में ऐसे उपयोग किया जाता है। पर्यायवाची शब्द को अंग्रेज़ी में सिनोनिम (Synonym) कहा जाता है।
पर्यायवाची शब्द क्या है Paryayvachi Shabd Kya Hai
एक पर्यायवाची शब्द, भाषा विशेष में अर्थ की सबसे छोटी इकाई, रूपिम या वाक्यांश है जिसका अर्थ किसी अन्य शब्द या किसी दिए गए भाषा में वाक्यांश के समान या लगभग समान है। उदाहरण के लिए, हिंदी भाषा में, शब्द प्रारंभ, श्रीगणेश और आरंभ सभी एक दूसरे के पर्यायवाची हैं: इसलिए ये पर्यायवाची शब्द हैं। पर्यायवाची के लिए मानक परीक्षण प्रतिस्थापन है: एक रूप को बिना अर्थ बदले वाक्य में दूसरे द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है।
Paryayvachi Shabdon ki List पर्यायवाची शब्दों की सूची
| शब्द (Hindi Word) |
पर्यायवाची (Synonyms) |
|---|---|
| अमृत | सुधा, पीयूष, अमी, सोम, मधु, सुरभोग |
| अंक | गिनती, संख्या, क्रमांक |
| अंग | तन, शरीर, देह, अंश, काया, भाग, उपांश, घटक, टुकड़ा |
| अंकुर | कोंपल, कलिका, अँखुवा, कल्ला, नवोद्भिद्, गाभा |
| अग्नि | आग, अनल, दहन, अरुण, पावक, जातवेद, कृशानु, वैश्वानर, हुताशन, रोहिताश्व, वायुसखा, हव्यवाहन |
| अतिथि | आगंतुक, मेहमान, पाहुन, अभ्यागत |
| अश्व | घोड़ा, हय, तुरंगम, वाजि, सैंधव, रविपुत्र, आशुविमानक, तुरंग, घोटक |
| अधर्म | पाप, अनाचार, अनीत, अन्याय, अपकर्म, जुल्म |
| अडिग | अचल, अडिग ,अटल ,स्थिर ,दृढ, अविचल |
| अनुपम | अनोखा, अनूठा, अपूर्व, अद्भुत, अद्वितीय, अतुल |
| अंबा | माता, जननी, मां, जन्मदात्री, प्रसूता |
| अलंकार | आभूषण, भूषण, विभूषण, गहना, जेवर |
| अहंकार | दंभ, गर्व, अभिमान, दर्प, मद, घमंड, मान |
| अरण्य | जंगल, वन, कानन, अटवी, कान्तार, विपिन |
| अंकुश | नियंत्रण, पाबंदी, रोक, अंकुसी, दबाव, गजांकुश, हाथी को नियंत्रित करने की कील, नियंत्रित करने या रोकने का तरीका |
| अंतरिक्ष | खगोल, नभमंडल, गगनमंडल, आकाशमंडल |
| अंतर्धान | गायब, लुप्त, ओझल, अदृश्य |
| अंबर | आकाश, आसमान, गगन, फलक, नभ |
| अंतर्गत | शामिल, सम्मिलित, भीतर आया हुआ गुप्त |
| आयुष्मान | चिरंजीवी, दीर्घ, जीवी, शतायु ,दीर्घायु |
| आदर्श | प्रतिमान, मानक, प्रतिरूप ,नमूना |
| आयु | अवस्था, उम्र, वय, जीवनकाल, वयस्, जिन्दगी |
| आभूषण | अलंकार, भूषण, गहना, आभरण, जेवर, टूम |
| आँख | नेत्र, नयन, चक्षु, दृग, लोचन, अक्षि, नजर, अक्ष, चश्म |
| आकाश | नभ, अनन्तं, अभ्रं, पुष्कर, शून्य, तारापथ, अंतरिक्ष, आसमान, फलक, व्योम, दिव, खगोल, गगन, अम्बर |
| आत्मा | प्राणी, प्राण, जान, जीवन, चैतन्य, ब्रह्म, क्षेत्रज्ञ, सर्वज्ञ, सर्वव्याप्त, विभु, जीव |
| आयुष्मान | चिरंजीव, दीर्घजीवी, शतायु, दाघायु |
| आदर्श | प्रतिमान, मानक, प्रतिरूप, नमूना |
| आम | अतिसौरभ, रसाल, फलराज, आम्र, सहकार, पिकबंधु, च्युतफल |
| इंद्र | पुरंदर, शक्र, शचिपति, सुरपति, देवराज, मघवा, देवेश, शतक्रतु, सुत्रामा, वासव, सुरेश, वृहत्रा, अमरपति, पर्वतारि, वीडौजा, कौशिक, शतमन्यु |
| इंद्रधनुष | सूरधनु, इंद्रायुध, शक्रचाप, सप्तवर्ण |
| इंद्राणी | पुलोमजा, शची, इन्द्रा, इंद्रवधू, ऐन्द्री |
| इत्यादि | आदि, प्रभृति, वगरैह |
| इठलाना | चोंचले करना, नखरे करना, इतराना, ऐंठना, हाव-भाव दिखाना, शान दिखाना, शेखी, मदांध मारना, तड़क-भड़क दिखाना, अकड़ना, मटकाना, चमकाना |
| इनाम | पुरस्कार, पारितोषिक, पारितोषित करना, बख्शीश |
| इजाजत | स्वीकृति, मंजूरी, अनुमति |
| इज्जत | मान, प्रतिष्ठा, आदर, आबरू |
| इर्द-गिर्द | मंडलाकार मार्ग में, चक्करदार रास्ते पर, घेरे में, चतुर्दिक, चारों दिशाओं में |
| इशारा | संकेत, इंगित, लक्ष्य, निर्देश |
| इलजाम | आरोप, लांछन, दोषारोपण, अभियोग |
| ईर्ष्या | स्पर्धा,मत्सर, डाह, जलन, कुढ़न |
| उत्पत्ति | उद्भव, जन्म, जनन, आविर्भाव |
| उपदेश | दीक्षा, नसीहत, सीख, शिक्षा, निर्देशन |
| उचित | ठीक, मुनासिब, वाज़िब, समुचित, युक्तिसंगत, न्यायसंगत, तर्कसंगत, योग्य |
| उपवन | बाग़, बगीचा, उद्यान, वाटिका, पुष्पोद्यान, फुलवारी, पुष्पवाटिका, गुलिस्तान, चमन, गुलशन |
| उपकार | भेंट, नजराना, भलाई, नेकी, उद्धार, अच्छाई, परोपकार, कल्याण, अहसान, आभार, तोहफा |
| उपहास | परिहास, मजाक, खिल्ली |
| उदाहरण | मिसाल, नजीर, दृष्टान्त, कथा-प्रसंग, नमूना, दृष्टांत |
| उषाकाल | अरुणोदय, प्रातः, प्रभात |
| ऐश्वर्य | वैभव, संपन्नता, धन-संपत्ति, श्री, महत्ता, विभूति, बड़प्पन, समृद्धि, दौलत |
| एकांत | निर्जन सुनसान शून्य |
| ओजस्वी | बलिष्ठ बलशाली बलवान ओजशाली शक्तिमान तेजस्वी |
| औषधि | दवा, दवाई, भेषज |
| कर्ण | अंगराज, सूर्यपुत्र, राधेय, कौन्तेय, पार्थ, सूतपुत्र |
| कनक | कंचन, सुवर्ण, हिरण्य, हेम, हाटक, सोना, स्वर्ण |
| कपोत | कबूतर, हारीत, पारावत, परेवा, रक्तलोचन |
| कपड़ा | अंबर, पट, पोशाक, लिबास, दुकूल, परिधान,चीर, वसन, वस्त्र |
| कमल | जलज, पंकज, अम्बुज, सरोज, शतदल, नीरज, इन्दीवर, सरसिज, अरविन्द, नलिन, उत्पल, सारंग, शतपत्र, राजीव, पद्म, अब्ज, पुण्डरीक,सरसीरुह, वारिज, कुशेशय |
| कली | कलिका, मुकुल, कुडमल, डोंडी, गुंचा, कोरक |
| कपूर | घनसार, हिमवालुका |
| कर | हाथ, हस्त, बाहु, पाणि, भुज |
| कर्तव्य | कर्म, कृत्य, विधेय |
| कान्ति | प्रकाश, आलोक, उजाला, दीप्ति, छवि, सुषमा,आभा, प्रभा, छटा, द्युति |
| कामदेव | मदन, काम, कंदर्प, मनोज, स्मर, मीनकेतु, मनसिज, मार, रतिपति, मन्मथ, अनंग, शंबरारि,कसुमेष, पुष्पधन्वा |
| किरण | अंशु, रश्मि, कला, कर, गो, प्रभा, दीधिति, मयूख, मरीचि |
| किनारा | तट, कूल, तीर, कगार, पुलिन |
| कुत्ता | सारमेय, सोनहा, शुनक, गंडक, कुकर, श्वान,कुक्कुर |
| केला | कदली, भानुफल, गजवसा, कुंजरासरा, मोचा, रम्भा |
| कौआ | काक, वायस, काण, काग, बलिपुष्ट, करकट,पिशुन |
| कंठ | गला, शिरोधरा, ग्रीवा, गर्दन |
| कुबेर | धनद, यक्षराज, धनाधिप, यक्षपति, किन्नरेश, राजराज, धनेश |
| कृतज्ञ | ऋणी, आभारी, अनुग्रहित, उपकृत |
| खेल | क्रीड़ा, केलि, तमाशा, करतब |
| खिड़की | रोशनदान, बारी, दरीचा, वातायन,गवाक्ष,झरोखा |
| गरुड़ | खगेश, खगपति, नागांतक, सुपर्ण, वैनतेय |
| गाय | भद्रा, गौरी, सुरभी, धेनु, गऊ, गौ,गैया, पयसि्वनी,दोग्धी |
| गंगा | देवनदी, भागीरथी, सुरसरिता, जाह्नवी, मन्दाकिनी विष्णुपदी, सुरसरि, देवपगा, त्रिपथगा, सुरधुनी |
| गन्ना | ईक्षु, ऊख, ईख, पौंड़ा |
| गणेश | गणपति, गजवदन, मूषकवाहन, लम्बोदर, विनायक, गजानन, भवानीनन्दन |
| गुप्त | गूढ़, रहस्यपूर्ण, परोक्ष, छिपा |
| गेंद | कन्दुक, गिरिक, गेन्दुक |
| गधा | खर, वैशाखनन्दन, गर्दभ, रासभ, लम्बकर्ण,धूसर |
| गीदड़ | नचक, शिवां, सियार, जंबुक, श्रृंगाल |
| गोद | पार्श्व, अंक, उत्संग, गोदी, क्रोड |
| घड़ा | घट, कलश, कुंभ, घटक, कुट |
| घी | हव्य, अमृतसार, क्षीरसार, आज्य |
| घास | शष्प, शाद, शाद्वल, तृण, दूर्वा, दूब |
| घृणा | अरुचि, नफरत, जुगुप्सा, अनिच्छा, विरति, घिन |
| घर | आलय, आवास, गेह, गृह, सदन, निवास, भवन, वास, वास-स्थान, शाला, निकेतन, निलय |
| चाँदनी | चंद्रिका, कौमुदी, हिमकर, अमृतद्रव, उजियारी,ज्योत्स्न्ना, चन्द्रमरीचि, कलानिधि |
| चंदन | श्रीखण्ड, गंधराज, गंधसार,मंगल्य, हरिगंध, मलय, दिव्यगंध, मलयज, दारूसार |
| चर्म | खाल, चमड़ी, त्वचा, त्वक् |
| चाँदी | जातरूप, रजत, रुपक, रूपा, कलधौत, रूप्य, खर्जूर |
| चूहा | खंजक, इन्दुर, मूषक, आखु, गणेशवाहन, मूसा |
| चोर | तस्कर, रजनीचर, मोषक, कुंभिल, साहसिक,दस्यु |
| चोटी | श्रृंग, कूट, शिखा, शिखर, शीर्ष, चूड़ा |
| चंद्रमा | सुधाकर, शशांक, रजनीपति ,निशानाथ ,सुधांशु |
| चमक | ज्योति, प्रभा ,शोभा ,छवि, आभा |
| चाँद | चन्द्र, चन्द्रमा, शशि, सोम, विधु, राकेश, शशांक, मयंक, रजनीश, महाताब, तारकेश्वर |
| छाछ | गोरस, मठा, दधि स्वेद, मट्ठा |
| छुट्टी | अवकाश, फुर्सत, विश्राम, विराम, रुखसत |
| जल | नीर, सलिल, जीवन, तोय, उदक, पानी, पय,अंबु, अंभ, रस, आप, आब, वारि |
| जिह्वा | जीभ, रसज्ञा, रसा, जबान, रसिका, रसना, वाचा |
| जगत | विश्व, दुनिया, जगती, संसार, भव, जग, जहान्, लोक |
| जहर | हलाहल, विष, गरल, कालकूट, गर |
| जुगनू | प्रभाकीट,पटबीजना |
| झंडा | पताका, केतु, निसान, ध्वज, केतन, वैजयंती |
| झूठ | मिथ्या, अनृत, मृषा, असत्य |
| झरना | स्रोत, झर, प्रपात, सोता, निर्झर |
| डरावना | भयंकर, भीषण, करालै |
| तलवार | खड़ग, करवाल, कृपाण, चन्द्रहास, असि, खंग, शमशीर, खंजर |
| तालाब | तड़ाग, सर, जलाशय, सरसि,ताल,पद्माकर, पुष्कर, सरोवर |
| तांबा | रक्तधातु, ताम्र, तामा, ताम्रक |
| तरकस | तूणीर, निषंग, तूणी, उपासंग, इषुधि |
| तारा | तारक, नक्षत्र, तारिका नखत उडुगन सितारा |
| तरुण | युवा,जवान, युवक |
| तोता | शुक, सुआ, सुग्गा, कोर, सुअरा, दाडिमप्रिय, रक्ततुंड |
| थोड़ा | स्वल्प, अल्प, किंचित्, परिमित, लघु, कम |
| थन | कुच, स्तन, वक्षोज, उरोज, पयोधर |
| दीपक | प्रदीप, दीप, दीया, ज्योति, चिराग |
| दूध | पय, क्षीर, गोरस, दुग्ध स्तन्य |
| द्रौपदी | कृष्णा, पांचाली, सैरंध्री, याज्ञसेनी |
| दुःख | व्यथा, क्लेश, पीड़ा, कष्ट, संताप, वेदना |
| देवता | वृंदारक, अजर, निर्जर, अमर्त्य, अमर, देव, सुर, विबुध, आदित्य |
| दुर्जन | पामर, खल, बदमाश, दुष्ट |
| दिन | अह:, दिवस, वासर, दिवा, वार |
| दया | कृपा, अनुकंपा, करुणा, अनुग्रह |
| दंगा | उपद्रव, उत्पात, शोरगुल, लड़ाई, झगड़ा, फ़साद |
| दफा | बेर, आवृत्ति, बार |
| दलना | पीसना, कुचलना, मसलना, नष्ट करना, ध्वस्त करना, तोड़ना, खंडित करना |
| ढिलाई | ढीलापन, सुस्ती, आलस्य |
| दस्ता | डंडा, सोंटा, छड़ी, टुकड़ी, दल, समूह |
| दुर्दशा | बुरी, दशा, खराब, हालत, अवस्था, दुर्गति |
| धनुष | चाप, धनु, कार्मुक, कमान, शरासन, कोदंड, विशिखासन |
| धूप | घाम, धर्म, निदाघ, आतप, रविप्रभा |
| धन | अर्थ, वित्त, पूँजी, द्रव्य, संपदा, सम्पत्ति, राशि, मुद्रा |
| ध्येय | प्रयोजन, अभिप्राय, लक्ष्य, मकसद, उद्देश्य |
| धुन | लगन, झुकाव, लगाव, तरंग, लहर, मौज |
| नियति | प्रारब्ध, भाग्य, दैव्य, भावी, होनी |
| पृथ्वी | भूमि ,अचला, अनंता ,रसा, विश्वंभरा ,स्थिरा ,धरा ,धरित्री, धरनी ,ज्या, काश्यपि, क्षिति, वसुमति, वसुधा, वसुंधरा ,गोधरा, कुः, पृथिवी ,अवनी ,मेदिनी ,मही, विपुला, गह्वरी, धात्री ,गो, ईला, कुम्भिनी, भूतधात्री ,रतनगर्भा, जगती, अंबरा |
| पर्वत | पहाड़, गिरि, अद्रि, महीधर, भूधर, अचल, शैल, धरणीधर, नग |
| नदी | सरिता, वाहिनी, अपगा, शैवालिनी, शैलजा, सिंधुगामिनी,तरंगिणी, स्रोतस्विनी, तटिनी |
| नम्र | सुशील, शिष्ट, विनीत, विनयशील, विनयी |
| नाव | नौका, नौ, जलयान, बेड़ी, डोंगी, नैया, तरिणी,तरी, जल वाहन |
| नारद | ब्रह्मर्षि, ब्रह्म-पुत्र, देवर्षि, ब्रह्मर्ष |
| नसैनी | जीना, सीढ़ी, सोपान |
| निवेदन | विनय, अनुनय, विनती, प्रार्थना, गुजारिश, इल्तजा |
| नीरस | फीका, बेरस, बेजायका, अस्वाद |
| न्यायाधीश | न्यायकर्त्ता, न्यायमूर्ति, जज, धर्माधिकारी |
| नूतन | नव, नवल, नव्य, नवीन |
| निखट्टू | निकम्मा, आलसी, अकर्मण्य, निठल्ला |
| निगोड़ा | अकर्मण्य, बेकार, निठल्ला, अभागा, भाग्यहीन, निराश्रम |
| निर्धन | धनहीन, दरिद्र, दीन, रंक, कंगाल, गरीब |
| निर्बल | कमजोर, निःशक्त, क्षीण, दुर्बल, दुबला-पतला |
| नाई | नाऊ, हज्जाम, हजाम, क्षौरकार, नाऊठाकुर |
| पत्थर | पाषाण पाहन, उपल, अश्म, शिला, प्रस्तर |
| पथ | मग, मार्ग, राह, पंथ, रास्ता |
| पंकज | कमल, राजीव, पद्म, सरोज, नलिन, जलज |
| पगड़ी | पगिया, मुरैठा, साफा, प्रतिष्ठा, मान-मर्यादा, भेंट, उपहार |
| परोपकार | परहित, भलाई, नेकी, परकाज, परमार्थ, परार्थ |
| पुत्र | बेटा, तनुज, सूत, आत्मज, तनय |
| परतन्त्र | पराधीन, परवश,पराश्रित, गुलाम, अधीन |
| पार्वती | गिरिजा, अम्बिका, भवानी, गौरी |
| पिता | तात, जनक, जनयिता, बाप , पितृ |
| पर्वत | भूधर, गिरी, महीधर, शैल, नग, मेरु |
| पल्लव | किसलय, पर्ण, पत्ती, कोपल, पात |
| पुत्री | तनया, आत्मजा, दुहिता, सुता, बेटी |
| प्रगति | विकास, उन्नति, श्रीवृद्धि, तरक्की |
| प्रख्यात | प्रसिद्ध, विख्यात, मशहूर, यशस्वी |
| प्रिया | प्रेयसी ,प्यारी ,वल्लभा , प्रभात |
| फसल | शस्य, पैदावार, उपज, खिरमन, कृषि-उत्पाद |
| फूट | मतभेद, मनमुटाव, अनबन, परस्पर, कलह |
| फूल | पुष्प, कुसुम,पुहुप, सुमन, प्रसून |
| बादल | पयोधर, मेघ, जलधर, बलाहक, अंबुद, वारिद, पयोद, नीरद, घन, जलद, वारिवाह |
| बंजर | अनुपजाऊ, अनुर्वर, ऊसर |
| बख़ील | कंजूस, मक्खीचूस, कृपण, खसीस, सूम, मत्सर |
| बंदर | कपि, मर्कट, वानर, कपीस ,शाखामृग |
| बाघ | व्याघ्र ,शार्दुल, चित्रक, व्याल |
| बादल | मेंघ,जलधर, वारिद,नीरद,वारिधर |
| बालिका | गौरी, कन्या, बेटी, कुमारी, किशोरी |
| ब्राह्मण | विप्र, द्विज, भूसुर, भूदेव, बाभन |
| ब्रह्मांड | दुनिया, जगत, विश्व, संसार, जगती |
| ब्रह्मा | स्वयंभू, पितामह, विश्व, सृष्टिकर्ता |
| बगीचा | बाग, उपवन, वाटिका, उद्यान, निकुंज |
| बचपन | बालपन, लड़कपन, बाल्यावस्था, बचपना |
| बसंत | ऋतुराज, ऋतुपति, मधुमास, कुसुमाकर |
| भारती | वाणी, वागीश, वागीश्वरी, शारदा |
| भव्य | शानदार, रमणीय, दिव्य, मनोहर |
| भ्रमर | अलि, मधुकर, मधुप, सारंग |
| भोला | सरल, सीधा, निश्छल, अकुटिल |
| भय | त्रास, भीति, डर, खौफ, आतंक |
| मोक्ष | कैवल्य, मुक्ति, सद्गति, निर्वाण, परम पद |
| मुलाकात | मिलन, भेंट, मेल, मिलाप, दर्शन |
| मधुप | भ्रमर, अलि, भौंरा, भृंग, षट्पद, मधुकर, द्विरेफ, चंचरीक, मिलिंद |
| मुर्गा | कुक्कुट, ताम्रचूड़, तमचुर, अरुणशिक, अरुणचूड़ |
| मेंढक | दादुर, दर्दुर, वर्षाभू, मंडूक, भेक, शालूर |
| मैना | चित्रलोचना, सारिका, मधुरालया |
| मोर | शिखी, शिव-सुत वाहन, कलाजी, सारंग, नीलकंठ, केकी, मयूर |
| मूँगा | रक्तमणि, रक्तांग, प्रवाल, विद्रुम |
| मोती | मोक्तिक, मुक्ता, शशिप्रभ, सीपिज |
| यमुना | कालिंदी, तरणि-तनुजा, सूर्यजा, अज रवितनया, जमुना, कृष्णा, रविसुता | |
| युद्ध | रण, समर, संग्राम, जंग, लड़ाई |
| युवती | तरुणी, श्यामा, रमणी, प्रमदा, सुंदरी, स्त्री, नारी, औरत, वनिता, कांता, वामा, त्रिया |
| यम | कीनाश, जीवितेश, श्राद्धदेव, दण्डधर, सूर्यपुत्र, |
| यमराज | अंतक, धर्मराज, कृतान्त |
| यात्रा | सफर, गमन, तीर्थाटन, प्रयाण, प्रस्थान |
| रात्रि | राका, निशा ,रजनी ,यामिनी ,विभावरी |
| रमा | श्रीकमला, विष्णुप्रिया ,इंदिरा ,लक्ष्मीकांता |
| राजमहल | राजभवन ,राजप्रसाद,राजमंदिर |
| राधा | हरिप्रिया ,राधिका, ब्रजरानी |
| राम | रघुपति ,राघव ,रघुनंदन ,रघुवर ,सीतापति |
| रावण | लंकेश, लंकापति, दशानन दशकण्ठ |
| रश्मि | कर , अंशु, मरीच, मयूख, किरण |
| लक्ष्मण | लखन, सौमित्र, शेष, अनन्त |
| लज्जा | संकोच, लाज, ह्या, शर्म |
| वस्त्र | पट , परिधान, अम्बर, वसन, चीर |
| वाकिफ | ज्ञाता, जानकार, अनुभवी |
| वाणी | वचन, गिरा, भारती,भाषा, बोली |
| विद्धवान | कोविद,विज्ञ, सुधी |
| वल्लभ | पति, प्रियतम, प्रिया, प्राणनाथ |
| वृक्ष | पेड़ , पादप, शाखी, तरु, विटप |
| वायु | अनिल, समीर, पवन, हवा |
| वज्र | अशनि, कुलिश, पवि |
| विष | गर्ल, कालकूट, जहर, हलाहल |
| शरीर | देह, काया, तन, बदन, कलेवर, गात, विग्रह |
| शत्रु | दुश्मन, अरि, रिपु, विपक्षी, अमित्र, अराति, बैरी |
| शिकारी | लुब्धक, बहेलिया, आखेटक, अहेरी, व्याध |
| शेर | हरि, केसरी, केशी, वनराज, मृगेन्द्र, मृगराज, शार्दूल, सिंह, केहरि, नाहर |
| शेषनाग | धरणीधर, फणीश, सहस्रासन, सर्पपति |
| शिव | त्रिनेत्र, वामदेव, शंकर, पशुपति, महेश, हर, त्रिलोचन, रुद्र, उमापति, महादेव, नीलकंठ, भूतेश, व्योमकेश |
| संध्या | निशारंभ, दिवावसान, दिवसावसान, दिनांत, सांयकाल, गोधूलि |
| स्वर्ग | सुरलोक, देवलोक, द्युलोक, नाक |
| स्वर | शब्द, ध्वनि, निनाद, रव, मुखर, नाद, घोष |
| सुरभि | सुगंध, इष्टगंध, घ्राण, तर्पण, सौरभ, सुवास |
| सेना | चमू, दल, कटक |
| सहेली | सखी, सहचरी, सजनी, आली, सैरंध्री |
| सूर्य | दिनकर, दिवाकर, भास्कर, आदित्य, सविता, अर्क, हरि, रवि, भानु, सहस्रांशु, प्रभाकर, अंशुमाली, दिनेश, मार्तंड, पतंग, पूषा, दिनमणि, अहर्पति, आफताब |
| साँप | सर्प, व्याल, पन्नग, अहि, नाग, विषधर, भुजंग, उरग, सरीसृप |
| समुद्र | पारावार, पयोधि, नीरधि, वारिधि, उदधि, जलधि, रत्नाकर, सागर, सिंधु, अब्धि, नदीश |
| सरस्वती | वाक्, वाग्देवी, भारती, वाणी, शारदा, वीणापाणि, हंसवाहिनी, वागीश्वरी |
| हंस | चक्रांग, मानसौक, कलहंस, मराल, कारंडव, सरस्वती वाहन |
| हाथी | गज, हस्ती, मतंग, द्विरद, गयंद, सिंधुर, दंती, कुंभी, वितुण्ड |
| हनुमान | अंजनिपुत्र, पवनसुत, वज्रांग, आंजनेय, कपीश, महावीर, मारुत, वज्रांग |
| हिमालय | हिमप्रस्थ, हिमांचल, हिमाद्रि, नगाधिराज |
| हीरा | मणिवर, वज्रमणि, हीरक, कुलिश |
| हृदय | मन, अंतस, दिल, कलेजा, उर, हिय, वक्ष |
| हिरण | कुरंग, सारंग, मृग, चमरी, कृष्णसार |
| क्षमारहित | अक्षम, अशक्त, असमर्थ, क्षमाशून्य |
| क्षमाशील | क्षम, क्षमी, क्षमावान, क्षमित, क्षमिता, तितिक्षु, प्रभूष्णु, शक्त, शान्तियुक्त, सह, सहन, सहिष्णु |
| क्षत्राणी | क्षत्राणी, क्षत्रिय पत्नी, क्षत्रिया, क्षत्रियाणी, क्षत्रियी, क्षत्री पत्नी, महारानी, राजपत्नी, रानी, वीरपत्नी, वीरमाता, वीरस्नुषा, वीरा |
| क्षण | अदिष्ट, अवसर, उत्सव, काल, घड़ी, छन, छिन, मौका, दण्ड, निमेष, प्रसंग, पल, बेला, मुहूर्त, वक्त, विरियाँ, समय, समय भाग |
| क्षत | आघात, काटना, क्षति, घायल, घाव, जख्म, नाश, पीड़ित, मारना, फोड़ा, व्रण |
| क्षत्रिय | क्षत्र, क्षत्री, द्विजलिंगी, नाभि, नृप, पार्थिव, बाहुज, मूर्द्धक, मूद्र्धाभिषिक्त, राजन्य, राजा, वर्म, विराज, विराट, वीर, सार्वभौम |
| क्षितिज | अंबरांत, शिरोबिन्दु, अंबरारंभ, आकाश, पराकाष्ठा, आकाश षीर्ष, उत्कर्ष, उफुक, उर्ध्वबिन्दु |
| क्षति | क्षय, घाटा, नाश, हानि, नुकसान |
| क्षण | भंगुर अनित्य, अस्थिर, क्षणिका, नश्वर, नाशवान |
| क्षीण | अल्प, कमजोर, कृष, क्षाम, थोड़ा, दुबला-पतला, बलहीन, बारीक, सूक्ष्म |
| क्षमता | ताकत, पहुँच, बल, शक्ति, सामर्थ्य,योग्यता |
| क्षर | अज्ञान, जल, जीवात्मा, नाशवान्, मेघ, शरीर |
| क्षय | अतिरोग, ऊष्मा, गदाग्रणी, छई, तपेदिक, दिक, नृपामय, यक्ष्मा, राज्यक्षमा, रोगराज, शोष |